सरकार विपक्ष के नेताओं पर कर रही अत्याचार, केजरीवाल के बरी होने पर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव की प्रतिक्रिया
आजमगढ़, 27 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा सीबीआई केस में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी करने के फैसले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
सपा सांसद ने कहा, "कोर्ट के फैसले से साबित होता है कि वर्तमान में सत्ता में बैठी सरकार किस तरह से विपक्ष के नेताओं के खिलाफ अत्याचार कर रही है। 'आप' नेताओं के साथ जो उत्पीड़न हुआ है, उसके लिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए।"
उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले को लेकर कहा, "जांच एजेंसी किसके अंदर काम कर रही है? पूज्य शंकराचार्य के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भरे सदन के अंदर बयानबाजी करते हैं। ऐसे में जब मुख्यमंत्री बयानबाजी कर रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश में ऐसा कौन अधिकारी होगा, जो मुख्यमंत्री की इच्छा के अनुरूप रिपोर्ट नहीं बनाए? शंकराचार्य पूज्य थे, पूज्य हैं और पूज्य ही रहेंगे। वो सनातन धर्म के सर्वोच्च स्थान पर हैं। उनकी मर्यादा का हनन कोई भी सनातन को मानने वाला व्यक्ति स्वीकार नहीं करेगा। हम उनके साथ हैं।"
सपा सांसद ने अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ के विकास की बात करते हुए कहा, "जिस दिन से मैं सांसद चुना गया हूं, उस दिन से आजमगढ़ की समस्याओं को ध्यान में रखकर काम हो रहा है। आजमगढ़ की तरक्की के लिए मैंने काम किया है और आगे करूंगा, लेकिन मेरी आदत नहीं है कि मैं किसी मंत्री से मिलूं और उसे मीडिया में हाईलाइट करूं। हां, इतना जरूर है कि जब कोई काम हो जाता है और जवाब मंत्री की तरफ से आ जाता है, तो उस जवाब को मैं लोगों के बीच पहुंचा देता हूं कि हमने प्रयास किया और यह काम आपके बीच है।"
उन्होंने आगे कहा, "जैसे सीएसडी कैंटीन का सवाल हो, जिसको लेकर कुछ दिन पहले मैंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। मैं उनसे काफी दिन पहले मिला था। शायद आजमगढ़ में किसी को पता नहीं था, लेकिन जब उनका लेटर आ गया और स्वीकृति मिल गई, तो मैंने उस लेटर को अपने साथियों के साथ शेयर किया। ठीक इसी तरह रिंग रोड के मुद्दे पर भी मैं गडकरी जी से मिला था। उनकी तरफ से जवाब आया था, उसको मैंने लोगों के साथ जरूर साझा किया है।
हम अपना कर्तव्य कर रहे हैं, बाकी कार्यों का आकलन करने की जिम्मेदारी यहां की आवाम की है। दावा तो कोई भी कुछ कर सकता है। दावे पर लोग खरे कितने उतरे हैं, यह आजमगढ़ के लोग बेहतर जानते हैं। सभी जानते हैं कि आजमगढ़ में जो कुछ भी हुआ है, उसे समाजवादियों ने किया है।"
--आईएएनएस
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