महाराष्ट्र : उद्धव ठाकरे ने हिंदी भाषा को अनिवार्य करने के विवाद पर सीएम फडणवीस पर पलटवार किया
महाराष्ट्र : उद्धव ठाकरे ने हिंदी भाषा को अनिवार्य करने के विवाद पर सीएम फडणवीस पर पलटवार किया

महाराष्ट्र : उद्धव ठाकरे ने हिंदी भाषा को अनिवार्य करने के विवाद पर सीएम फडणवीस पर पलटवार किया

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मुंबई, 27 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी को जरूरी बनाने को लेकर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है।

मराठी भाषा गौरव दिवस के मौके पर एक इवेंट में बोलते हुए, ठाकरे ने शुक्रवार को उन आरोपों का जवाब दिया कि उनकी पिछली सरकार ने क्लास 1 से हिंदी को जरूरी बनाने वाली रिपोर्ट को मंजूरी दी थी।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब फडणवीस ने गुरुवार को विधानसभा में दावा किया कि ठाकरे की लीडरशिप वाली पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार ने एक कमेटी की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी थी, जिसमें क्लास 1 से 12 तक इंग्लिश और हिंदी को जरूरी सब्जेक्ट बनाने की सिफारिश की गई थी।

फडणवीस ने 20 जनवरी, 2022 की कैबिनेट मीटिंग के मिनट्स पेश किए, जिसमें कहा गया कि माशेलकर कमेटी की सिफारिशों को ठाकरे की लीडरशिप में ऑफिशियली मंजूरी दी गई थी।

ठाकरे ने घटनाओं की टाइमलाइन को साफ करते हुए तीखा जवाबी हमला किया। हालांकि उन्होंने रिपोर्ट मिलने की बात मानी, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रोसेस उस पॉलिटिकल संकट की वजह से रुका था, जिसकी वजह से उनकी सरकार गिर गई थी।

उन्होंने कहा, "मैंने रिपोर्ट को असल में मान लिया था; मैंने इसे अपने हाथ में ले लिया था। हालांकि, इम्प्लीमेंटेशन कमिटी की मीटिंग कभी नहीं हुई। इससे पहले कि ऐसा हो पाता, आप (मौजूदा सरकार) हमारी सरकार गिराने के लिए सूरत और गुवाहाटी के दौरे पर चले गए।"

ठाकरे ने सवाल किया कि मौजूदा सरकार एमवीए के कई दूसरे फैसलों को रद्द करते हुए इस खास रिपोर्ट को लेकर क्यों जुनूनी है।

उन्होंने 'मराठी भाषा भवन' बनाने में देरी की आलोचना की और कहा कि भाजपा ऑफिस तो जल्दी बन गए, लेकिन मराठी भाषा का सेंटर अधूरा रह गया।

ठाकरे ने अपने कार्यकाल में मराठी को जरूरी बनाने पर गर्व जताया, लेकिन इस बात पर अफसोस जताया कि महाराष्ट्र में ऐसा आदेश जरूरी भी है।

यह जुबानी जंग राज्य में 'मराठी-समर्थक' नैरेटिव के लिए चल रहे संघर्ष को दिखाती है।

ठाकरे ने भाजपा पर 'पुराना आटा पीसने' और उन्हें सच दिखाने के लिए बार-बार नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया, जबकि सीएम फडणवीस का कहना है कि डॉक्यूमेंट्री सबूत हिंदी भाषा नीति के लिए एमवीए की शुरुआती मंजूरी को साबित करते हैं।

--आईएएनएस

एससीएच

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