धनबाद: बीसीसीएल एरिया 4 की भूमि आउटसोर्सिंग खदान में आग और गैस रिसाव से ग्रामीणों में हड़कंप
धनबाद: बीसीसीएल एरिया 4 की भूमि आउटसोर्सिंग खदान में आग और गैस रिसाव से ग्रामीणों में हड़कंप

धनबाद: बीसीसीएल एरिया 4 की भूमि आउटसोर्सिंग खदान में आग और गैस रिसाव से ग्रामीणों में हड़कंप

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धनबाद, 28 फरवरी (आईएएनएस)। धनबाद के बीसीसीएल एरिया 4 के तहत संचालित भूमि आउटसोर्सिंग खदान में अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग के साथ ही जहरीली गैस और धुएं का रिसाव शुरू हो गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रभावित क्षेत्र में लगभग 2,000 लोग रहते हैं, जो इस स्थिति से न केवल अस्वस्थ महसूस कर रहे थे, बल्कि अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंतित थे।

ग्रामीणों का आरोप है कि बीसीसीएल और उसके अंतर्गत संचालित आउटसोर्सिंग कंपनियों की खदानों से भूमिगत आग और गैस रिसाव रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। लगातार धुआं और जहरीली गैस फैलने के कारण उनका जीवन कठिन हो गया है। परेशान ग्रामीणों ने अपने गुस्से और चिंता के चलते सिजुआ-धनबाद मुख्य मार्ग पर जाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ नाराजगी भी जताई।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में लाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आग और गैस रिसाव पर नियंत्रण पाने के लिए बीसीसीएल के तकनीकी और सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि बीसीसीएल और उसकी आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा खदानों में सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों का पालन पर्याप्त रूप से किया जा रहा है या नहीं। स्थानीय लोग नियमित रूप से धुएं, आग और गैस के रिसाव से स्वास्थ्य और जीवन पर असर पड़ने की शिकायत करते रहे हैं।

बीसीसीएल प्रशासन ने फिलहाल आग बुझाने और गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाके में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राहत कार्य और निगरानी जारी हैं।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी उपाय किए जाएं और खदानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि खदानों में सुरक्षा उपायों और समय पर निगरानी की कमी गंभीर खतरे का कारण बन सकती है और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई अनिवार्य है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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