बीजेडी ने
बीजेडी ने

बीजेडी ने 'अनुशासनहीनता' के आरोप में पूर्व विधायक प्रभात रंजन बिस्वाल को किया निष्कासित

Published on

भुवनेश्वर, 28 फरवरी (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजेडी) ने शनिवार को अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रभात रंजन बिस्वाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी ने यह कार्रवाई अनुशासनहीनता और दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप में की है।

भुवनेश्वर स्थित पार्टी मुख्यालय से जारी आधिकारिक आदेश के जरिए यह निष्कासन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया। यह आदेश बीजद के उपाध्यक्ष प्रताप जेना ने पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक की ओर से जारी किया। आदेश में कहा गया है कि राज्य परिषद के सदस्य रहे बिस्वाल को पार्टी हितों के खिलाफ मानी गई गतिविधियों के कारण हटाया गया है।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव की तैयारी चल रही है और उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं।

कटक-चौद्वार विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे बिस्वाल ओडिशा की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। वे कई बार बीजद के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं और तटीय जिलों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं।

हालांकि, उनका राजनीतिक करियर विवादों से भी घिरा रहा है। वर्ष 2017 में चिटफंड घोटाले के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उन्हें गिरफ्तार किया था और उन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे। बाद में उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन इस मामले का उनके राजनीतिक प्रभाव पर असर पड़ा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई हाल में नेतृत्व के कुछ फैसलों, खासकर राज्यसभा टिकट वितरण को लेकर बिस्वाल की कथित आलोचना से जुड़ी हो सकती है। बीजद के अंदर गुटबाजी की चर्चाएं भी तेज हैं और कुछ नेताओं ने पार्टी में कुछ खास समूहों के प्रभाव को लेकर नाराजगी जताई है।

बीजद ने दो दशकों से अधिक समय तक ओडिशा में शासन किया था। इसके बाद से पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नवीन पटनायक अब भी पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं।

बिस्वाल ने अब तक अपने निष्कासन पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Subscribe to our channels on YouTube and WhatsApp 

logo
NewsGram
www.newsgram.com