राजस्थान: 188 टीकाकरण सत्र आयोजित, 1000 स्वास्थ्य संस्थान टीकाकरण के लिए तैयार
राजस्थान: 188 टीकाकरण सत्र आयोजित, 1000 स्वास्थ्य संस्थान टीकाकरण के लिए तैयार

राजस्थान: 188 टीकाकरण सत्र आयोजित, 1000 स्वास्थ्य संस्थान टीकाकरण के लिए तैयार

Published on

जयपुर, 28 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अजमेर से पूरे देश में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। यह कदम महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

इस अभियान के तहत योग्य किशोरी लड़कियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) का टीका लगाया जाएगा, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो सकेगा।

पहले दिन, राजस्थान में कुल 188 टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रदेश के बच्चियों के माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल में शामिल कराएं, और इसे महिलाओं के स्वास्थ्य सशक्तिकरण और सर्वाइकल कैंसर-मुक्त भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, यह टीका 14 साल पूरी कर चुकी लेकिन 15 साल की नहीं हुई लड़कियों को एक ही डोज में दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरी सबसे आम कैंसर है, और इसे रोकने के लिए राज्य में व्यापक टीकाकरण रणनीति तैयार की गई है।

मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) गायत्री राठौर ने कहा कि अभियान के तहत 8.32 लाख से अधिक लड़कियां टीकाकरण के लिए योग्य हैं। चौगुना टीका गार्डासिल-4 0.5 मिलीलीटर की मात्रा में बाईं ऊपरी बांह में इंट्रामस्कुलर तरीके से लगाया जाएगा।

राज्य के सभी जिलों में कुल 1,000 स्वास्थ्य संस्थानों को इस टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया है।

नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन निदेशक डॉ अमित यादव ने कहा कि केवल उन्हीं स्वास्थ्य संस्थानों को अभियान के लिए चुना गया है जिनमें कार्यशील कोल्ड चेन पॉइंट, नामित चिकित्सा अधिकारी और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है।

प्रत्येक टीकाकरण स्थल पर टीकाकरण कर्मियों, सत्यापकों, जागरूकता करने वालों और स्वयंसेवकों की एक समर्पित टीम होगी।

एनएमएस, आशा कार्यकर्ताओं, सत्यापकों और जागरूकता टीमों का प्रशिक्षण राज्य, जिला और संस्थागत स्तर पर पूरी तरह से पूरा कर लिया गया है, ताकि अभियान का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके।

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को किशोर लड़कियों की सुरक्षा और राजस्थान में रोकथाम स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के रूप में बताया।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Subscribe to our channels on YouTube and WhatsApp 

logo
NewsGram
www.newsgram.com