विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी में नोएडा से दो आरोपी गिरफ्तार
विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी में नोएडा से दो आरोपी गिरफ्तार

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी में नोएडा से दो आरोपी गिरफ्तार

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नोएडा, 28 फरवरी (आईएएनएस)। नोएडा के थाना सेक्टर-126 पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों से ठगी करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से 9 भारतीय पासपोर्ट, 4 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 7 फर्जी नौकरी पम्पलेट, 7 फर्जी एयरलाइन टिकट, 9 फर्जी वीजा प्रिंटआउट और 73,500 रुपए नकद बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, 27 फरवरी को एक पीड़ित ने थाना सेक्टर-126 में शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात व्यक्तियों ने उसे विदेशी नौकरी का झांसा देकर लगभग 1.5 लाख रुपए की ठगी की है। मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नियाज अहमद उर्फ अरमान (43) और राजू शाह (33) को सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा बिल्डिंग की ओर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित और सुनियोजित तरीके से ठगी को अंजाम देते थे। वे लैपटॉप के जरिए विदेशी कंपनियों के नाम पर आकर्षक और लुभावने फर्जी विज्ञापन तैयार करते थे, जिनमें ऊंची सैलरी, फ्री वीजा, फ्री टिकट और तत्काल जॉइनिंग का झांसा दिया जाता था।

इसके बाद वे व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और फेसबुक पेज जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय नौकरी से जुड़े समूहों में शामिल होकर फ्यूचर लाइट मैनपावर नाम से फर्जी पम्पलेट बांटते थे। इच्छुक उम्मीदवारों से आरोपी केवल व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क करते थे, ताकि अपनी पहचान और लोकेशन छिपा सकें।

विश्वास जीतने के लिए वे फर्जी ऑफर लेटर, वीजा और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के नकली टिकट भेजते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, वीजा चार्ज, मेडिकल फीस और एम्बेसी अप्रूवल के नाम पर चरणबद्ध तरीके से मोटी रकम वसूलते थे। वीजा प्रक्रिया का बहाना बनाकर पीड़ितों के मूल पासपोर्ट अपने पास रख लेते थे, जिससे वे उन पर निर्भर बने रहें।

पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन की जांच में पता चला है कि आरोपी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जॉब ग्रुप से जुड़े थे और अब तक 100 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 70 लाख रुपए से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ है।

रकम वसूलने के बाद आरोपी संपर्क सीमित कर देते थे या स्थान बदलकर फरार हो जाते थे। नियाज अहमद के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं।

पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है तथा बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश में नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान एजेंसी या व्यक्ति को धनराशि देने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

--आईएएनएस

पीकेटी/एएमटी/वीसी

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