हेल्थ टिप्स : व्यस्त ऑफिस लाइफ में लिवर को ऐसे रखें स्वस्थ, अपनाएं आसान उपाय
हेल्थ टिप्स : व्यस्त ऑफिस लाइफ में लिवर को ऐसे रखें स्वस्थ, अपनाएं आसान उपाय

हेल्थ टिप्स : व्यस्त ऑफिस लाइफ में लिवर को ऐसे रखें स्वस्थ, अपनाएं आसान उपाय

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नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। आज की तेज-रफ्तार जिंदगी में ज्यादातर लोग ऑफिस में घंटों बैठे रहते हैं और अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में लिवर से जुड़ी समस्या, खासकर फैटी लिवर, तेजी से बढ़ रही है। हेल्थ एक्सपर्ट इसके लिए आसान उपाय का सुझाव देते हैं।

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ऑफिस की व्यस्त दिनचर्या में भी लिवर की देखभाल को प्राथमिकता देनी चाहिए। फैटी लिवर तब होता है जब लिवर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है। लंबे समय तक बैठे रहने, अस्वास्थ्यकर खान-पान और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके मुख्य कारण हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है।

नेशनल हेल्थ मिशन का कहना है कि इन छोटी-छोटी आदतों को अपनाकर हम न सिर्फ फैटी लिवर से बच सकते हैं, बल्कि स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकते हैं। व्यस्त जीवनशैली में भी सेहत की देखभाल संभव है, बस थोड़ी सी जागरूकता और नियमित प्रयास की जरूरत है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतों से इसे रोका जा सकता है और लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है।

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, लिवर को सेहतमंद रखने के लिए सबसे पहले ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न बैठें। हर एक-दो घंटे में उठकर थोड़ा टहलें। छोटे-छोटे वॉक ब्रेक लें और हल्की स्ट्रेचिंग करें। इससे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और लिवर पर जमा होने वाली वसा को कम करने में मदद मिलती है। ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे पैरों को हल्का-हल्का हिलाना या कंधों की एक्सरसाइज भी फायदेमंद साबित हो सकती है।

दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कदम है संतुलित और स्वस्थ आहार। रोजाना के भोजन में हरी सब्जियां, मौसमी फल और साबुत अनाज को जरूर शामिल करें। तले-भुने, ज्यादा तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थों और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें। ज्यादा चीनी और फैट वाले पेय जैसे कोल्ड ड्रिंक्स और जंक फूड भी लिवर के लिए नुकसानदायक होते हैं। इसके बजाय पानी ज्यादा का सेवन करें और घर का बना सादा खाना प्राथमिकता दें।

तीसरा आसान उपाय है नियमित स्वास्थ्य जांच, जो बहुत जरूरी है। समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) और अन्य जरूरी जांच करवाएं। शुरुआती दौर में पता चल जाने से फैटी लिवर को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह पर वजन नियंत्रित रखना और जरूरत पड़ने पर दवाइयां लेना भी मददगार होता है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

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