एआई समिट प्रोटेस्ट केस: पटियाला हाउस कोर्ट ने 10 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा
एआई समिट प्रोटेस्ट केस: पटियाला हाउस कोर्ट ने 10 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा

एआई समिट प्रोटेस्ट केस: पटियाला हाउस कोर्ट ने 10 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा

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नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में आयोजित एआई समिट में प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार 10 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जमानत पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। सुनवाई के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने 8.30 बजे फैसला सुनाने की बात कही है।

कोर्ट ने सभी दस आरोपियों की जमानत, 9 की न्यायिक हिरासत और एक आरोपी की पुलिस हिरासत के मामले मे सुनवाई पूरी की है।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि आरोप पांच साल से कम सजा वाले है इसलिए जमानत का आधार बनता है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि जमानत देना नियम है, नहीं देना अपवाद, इसलिए जमानत दी जानी चाहिए। 9 दिनों तक पूछताछ की जा चुकी है और अब पुलिस को कस्टडी की जरूरत नहीं इसलिए अब जमानत का आधार बनता है।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि आरोपियों के ना तो देश छोडकर जाने का रिस्क है नाही गवाहों या सबूतों से छेडछाड का रिस्क है। शिकायत किसी प्राइवेट आदमी ने नहीं की जहां प्रदर्शन हुआ शिकायत भी पुलिस ने किया और जांच भी पुलिस ही कर रही है।

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत दिए जाने का विरोध किया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि शाहीनबाग प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था प्रदर्शन अधिकार हो सकता है, लेकिन राष्ट्र की छवि नहीं खराब होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने कहा कि शर्ट पर लिखा था कि भारत से अमेरिका से कोम्प्रोमाईज किया। वहां पर विदेशी डेलीगेट्स और विदेशी मीडिया मौजदू था जान बूझ कर वहां पर प्रदर्शन किया गया, जबकि प्रदर्शन के लिए जंतर मंतर और दूसरी जगह भी है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान ने दिया है लेकिन कुछ शर्तें भी है।

पुलिस ने आगे कहा कि इन लोगों ने नारा लगाया, इंडिया अमेरिका समझौता को कम्प्रोमाइज कहा वो भी इंटरनेशनल मीडिया की मौजूदगी में। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उसपर हमला किया गया। पुलिस वालो को चोटे आई है इसका मेडिकल प्रूफ है। एआई समिट के दौरान इन राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया गया था, वहां पर इसलिए प्रदर्शन किया गया ताकि देश की छवि खराब हो सके जबकि पूरा अमला उसको सफल बनाने के लिए लगा हुआ था। इसी कोर्ट ने इनमे से चार आरोपियों की जमानत खारिज की है। एक आरोपी कुंदन यादव के खिलाफ तुगलक रोड थाने मे पुराना मुकदमा दर्ज है।

दिल्ली पुलिस ने आगे कहा कि यह सामान्य केस नहीं है जैसा कि बताया जा रहा है। हीरे की चोरी और खीरे की चोरी दोनों तो चोरी है लेकिन मकसद अलग हैं। दो मुख्य साजिशकर्ता मनीष शर्मा और विश्वजीत फरार है उनकी तलाश की जा रही है। दो मोबाइल नहीं मिले है उनकी तलाश की जा रही है।

--आईएएनएस

पीएसके

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