कट्टर ईमानदार बताने पर आरपी सिंह का तंज, केजरीवाल को ज्यादा जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं
कट्टर ईमानदार बताने पर आरपी सिंह का तंज, केजरीवाल को ज्यादा जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं

कट्टर ईमानदार बताने पर आरपी सिंह का तंज, केजरीवाल को ज्यादा जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं

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नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता आरपी सिंह ने आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को कट्टर ईमानदार बताए जाने पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को ज्यादा जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता ने जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी की रैली पर तंज कसते हुए कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी ट्रायल कोर्ट से बरी हुए तो क्या कट्टर ईमानदार हाे गए? बाद में हाईकोर्ट ने उन्हें मुलजिम साबित किया। उनके खिलाफ दोष साबित हुए। उन्हें जेल में रहना पड़ा। अरविंद केजरीवाल को ज्यादा जल्दी नहीं करनी चाहिए, सीबीआई हाईकोर्ट को अप्रोच कर चुकी है।

27 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि हमें सत्ता से बाहर करने की उनकी सबसे खतरनाक और सोची-समझी साजिश थी। पिछले चार वर्षों से सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर उन्हें परेशान किया गया।

पार्टी की ओर से कहा गया कि केजरीवाल ने अपने जीवन में सम्मान के अलावा कुछ नहीं कमाया और भाजपा ने राजनीतिक फायदा लेने के लिए उन्हें निशाना बनाया। सत्ता पाने की चाह में केंद्र ने उनकी पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल भेज दिया।

उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला साफ और मजबूती से साबित करता है कि केजरीवाल और आप के नेता ‘कट्टर ईमानदार’ हैं।

इधर, पश्चिम बंगाल में एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत 61 लाख वोट हटाना एक कॉन्स्टिट्यूशनल प्रक्रिया है। ममता बनर्जी जानबूझकर इस लीगल प्रक्रिया पर सवाल उठा रही हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि आने वाले चुनाव में उनके हारने का चांस है। वह जानबूझकर एसआईआर और इलेक्शन कमीशन की लीगल प्रक्रिया पर शक पैदा कर रही हैं।

टीएमसी द्वारा राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा पर आरपी सिंह ने कहा कि इसमें सबसे अचंभे वाला नाम राजीव कुमार है, जो पुलिस के अधिकारी थे। अब इनकी क्या साठगांठ थी, जिसके चलते उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है? यह वही पुलिस अधिकारी है, जिसके लिए ममता बनर्जी धरने पर बैठी थीं।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

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