भारत की विदेश नीति
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भारत की विदेश नीति 'पूरी तरह बेनकाब': कांग्रेस

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नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में तनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने रविवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि देश की विदेश नीति पूरी तरह से उजागर हो गई है।

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले की आलोचना करने और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से हस्तक्षेप करने का आह्वान करने के एक दिन बाद, कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि देश प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति के सार और तरीकों दोनों के लिए भारी कीमत चुका रहा है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कई ऐसे मुद्दों का हवाला दिया, जिनके बारे में उनका दावा था कि वे केंद्र सरकार की कमजोर विदेश नीति को दर्शाते हैं।

उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री और उनके करीबी लोग चाहे जितना भी दिखावा करने की कोशिश करें, सच्चाई यह है कि स्वयंभू विश्व गुरु के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रम्प) लगातार पाकिस्तान के साथ अपनी निकटता बनाए हुए हैं और बार-बार उस व्यक्ति की प्रशंसा कर रहे हैं जिसके भड़काऊ बयानों ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलों की नींव रखी थी। अमेरिका ने अफगानिस्तान के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान का स्पष्ट रूप से समर्थन किया है।

रमेश ने ऑपरेशन सिंदूर की ओर इशारा करते हुए कहा कि अब तक की गिनती के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने सौ से अधिक बार दावा किया है कि उन्होंने 10 मई, 2025 को भारतीय निर्यात पर शुल्क लगाने की धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था, लेकिन प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) राष्ट्रपति ट्रम्प के इन दावों पर पूरी तरह चुप रहे।

कांग्रेस नेता ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को एकतरफा कहकर आलोचना की।

प्रधानमंत्री मोदी की हाल ही में इजराइल यात्रा का जिक्र करते हुए रमेश ने कहा कि ईरान पर थोपे गए इस युद्ध पर नरेंद्र मोदी सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों, चिंताओं और हितों के साथ विश्वासघात है।

--आईएएनएस

एमएस/

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