इजरायल-ईरान के बीच चल रहे युद्ध से हालात बने चुनौतीपूर्ण : सैयद बाशा
इजरायल-ईरान के बीच चल रहे युद्ध से हालात बने चुनौतीपूर्ण : सैयद बाशा

इजरायल-ईरान के बीच चल रहे युद्ध से हालात बने चुनौतीपूर्ण : सैयद बाशा

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विजयवाड़ा, 2 मार्च (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सैयद बाशा ने इजरालय और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को चुनौतीपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि युद्ध को दो दिन हो चुके हैं और दोनों ही देश एक-दूसरे पर बिना रुके हमला कर रहे हैं। इस वजह से एशियाई देशों को मौजूदा समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सैयद बाशा ने सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से अन्य एशियाई देशों में भी संकटग्रस्त हालात पैदा हो चुके हैं। एशिया महाद्वीप के अन्य देशों में संकटग्रस्त हालात पैदा हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ देश इस इजरालय और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को मुस्लिमों को दबाने की साजिश के रूप में रेखांकित करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमें पश्चिम एशिया में बन रही चूनौतीपूर्ण स्थिति को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाना होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि वे मौजूदा समय में पश्चिम एशिया में बन रही इस चुनौतीपूर्ण स्थिति को सामान्य बनाने की दिशा में कई तरह के प्रयास कर रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में धरातल पर इसके सकारात्मक नतीजे हम सभी को देखने को मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से पूरे एशिया में माहौल चुनौतीपूर्ण हो चुका है। ऐसी स्थिति में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहल करने की जरूरत है। अगर किसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद है, तो उसे सुलझाने के लिए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि अगर इस दिशा में कदम बढ़ाए जाएं तो अगले कुछ दिनों में स्थिति अनुकूल होगी।

भाजपा नेता ने कहा कि रमजान के महीने में इस तरह के हालात पैदा करना, किसी भी सूरत में उचित नहीं है। ईरान के बीच सुप्रीम लीडर की मौत के बाद आम लोग भी मौजूदा युद्ध की वजह से काफी परेशान हैं। इसे देखकर मुस्लिम समुदाय के लोग बहुत दुखी हैं।

उन्होंने कहा कि जितने भी जिम्मेदार लोग हैं, वो सभी वार्ता की मेज पर लौटें और संवाद का रास्ता अपनाएं। हमें पूरा विश्वास है कि संवाद का रास्ता अपनाने से स्थिति जरूर सकारात्मक होगा, क्योंकि इस तरह के युद्ध से किसी को कोई फायदा नहीं होगा।

--आईएएनएस

पीयूष

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