चुनाव आयोग से कानूनी लड़ाई लड़ रहे तमिलनाडु के पांच दलों ने दो प्रमुख गठबंधनों में जगह बनाई
चुनाव आयोग से कानूनी लड़ाई लड़ रहे तमिलनाडु के पांच दलों ने दो प्रमुख गठबंधनों में जगह बनाई

चुनाव आयोग से कानूनी लड़ाई लड़ रहे तमिलनाडु के पांच दलों ने दो प्रमुख गठबंधनों में जगह बनाई

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चेन्नई, 2 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु की पांच राजनीतिक पार्टियां खुद को सूची से हटाए जाने पर भारतीय चुनाव आयोग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। इस बीच उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के दो प्रमुख चुनावी मोर्चों में अपनी जगह पक्की कर ली है।

चुनाव आयोग ने हाल ही में वैधानिक मानदंडों का पालन न करने के कारण 42 गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों को अपनी सूची से हटा दिया था। इन पर लेखापरीक्षित वित्तीय विवरण प्रस्तुत न करने और अपने पंजीकृत नाम व चुनाव चिह्न के तहत चुनाव न लड़ने जैसे आरोप थे।

अगस्त और सितंबर 2025 में जारी आदेशों के बाद जिन दलों पर कार्रवाई हुई, उनमें तमिलनाडु की कई अहम पार्टियां शामिल हैं। प्रभावित प्रमुख दलों में कोंगुनाडु मक्कल देसिया काची (केएमडीके), मनिथानेया मक्कल काची (एमएमके), मनिथानेया जनानायगा काची (एमजेके), तमिलागा मक्कल मुनेत्र कड़गम और पेरुंथलैवर मक्कल काची शामिल हैं।

आधिकारिक पंजीकरण खोने के बावजूद, इन दलों के नेता और कार्यकर्ता निर्दलीय या मान्यता प्राप्त दलों के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने के पात्र बने हुए हैं। इस प्रावधान ने उन्हें डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन और एआईएडीएमके-भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीटों पर बातचीत करने का अवसर दिया है।

मनिथानेया मक्कल काची (एमएमके) ने डीएमके गठबंधन में दो सीटें हासिल कर ली हैं। पार्टी अध्यक्ष एमएच जवाहरुल्लाह ने कहा कि ईसीआई का फैसला व्यक्तियों को चुनाव लड़ने से नहीं रोकता। उन्होंने संकेत दिया कि उच्च न्यायालय द्वारा आयोग की कार्रवाई को बरकरार रखने के फैसले के खिलाफ वे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

इसी तरह एमजेके और केएमडीके भी कानूनी विकल्प तलाशते हुए गठबंधन वार्ता जारी रखे हुए हैं। केएमडीके महासचिव ईआर ईश्वरन ने बताया कि पार्टी ने दर्जा बहाल करने के लिए सीधे चुनाव आयोग से अपील की है। सूत्रों का कहना है कि एमएमके, एमजेके और केएमडीके के उम्मीदवार डीएमके के ‘उगते सूरज’ चिह्न पर चुनाव लड़ सकते हैं।

दूसरी ओर, जॉन पांडियन और एनआर धनपालन के एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ समझौते की संभावना है। इस बीच, छोटे संगठन अपनी मान्यता पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। गोकुला मक्कल काची के संस्थापक एमवी शेखर ने कहा कि उनकी पार्टी, जिसने पिछले विधानसभा चुनाव में डीएमके का समर्थन किया था, अब अपना पंजीकरण बहाल करने के लिए काम कर रही है।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी

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