Tuesday January 22, 2019
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Cartoons to bring out positive from kids

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Cartoons- one of the major and the most amazing part of our childhood. Children spend most of their time watching cartoons, our moral values, our habits, our attitude, and behavior is developed during the stage of childhood. A human being tends to observe their surroundings and adapt it. So the concept of cartoons should not be taken lightly as it can manipulate the mind of a kid.

Why do children like to watch cartoons? This is because their mind is full of curiosity and creativity. They are always interested in things which are new and different. Bright colored cartoons with unusual sound and imagery attract a child. In reality, in this generation, children stay at home which means they have not seen the creative world. So while they are at home they prefer watching entertaining stuff on TV.

Parents are now using the television as the means of entertaining their children while they attempt to accomplish their other goals.

Cartoons should be shown very accurately and in an appropriate way so that it could be understood easily because a child can interpret and perceive things in a cartoon in many ways, a positive thing can also be interpreted in a negative way.

Shows such as Tom and Jerry or Road Runner shows based on “fight and chase” plus “friendship”. One can ask, how can these shows have negative impact when it always end in a positive way and depicts that violence results in nothing but friendship and teamwork always have good results, Throwing a grand piano on someone’s head, gunshots, and the loud explosion that follows, all of these are direct messages depicting violence that flow into children’s minds.

Kids who watch cartoons full of violence tend to be nervous, aggressive and disobedient. A child becomes insensitive to problems and considers violence as common and normal.

Other than violence health is also a major issue in reference of cartoons sitting hours and watching cartoons leads to weak eyesight, spine curvature disorder and moreover a research states that watching the cartoon for long leads to less interaction among people hence weak speech development.

We cannot stop a kid to watch cartoons. Then how can we reduce the negative impacts of cartoons and changing it healthy?

There should be some time limit which a child is supposed to follow.

Parents should explain the meaning of the episode so that they don’t interpret it in the wrong way.

Parents should also make their child understand that violence is not the solution to resolve conflicts.

Parents should interact with their children and discuss the cartoons and the characters.

Positive effects of cartoons over children:

It helps in exploring and observing things which expand their creativity and improves their thinking.

Many cartoon character which represent good personality like an ideal daughter or son become a role model for some kids and they try to copy them.

Cartoons make you laugh which is the best exercise for blood circulation. Many characters are represented as a fitness freak.

Children have started eating good food to become like their favorite cartoon character.

It enhances the talent of a child. A child watching the show of their interest helps them to understand things about their talent how to execute it and take it forward in life.

Watching cartoons can teach a child about basic moral values of the society that one is supposed to follow for example about loyalty, respect to elders, language and the way of talking, for all this to work in order parents have to decide which all shows their child should watch.

A child has a blank mind so they need some guidance to go on a right path as they cannot decide things for themselves.

Cartoons have changed drastically over the years, let’s compare some older cartoons to their replacements. Change in type of cartoons is also one of the reasons to bring this concept in the limelight.

Today’s cartoons have dug deeper in their genre for content than before. Comedy has become more absurd, sacrificing even the appearance of the plot of comedies past for more silliness. Where once a cat might chase a mouse, now they might take a road trip to a concert together, only to break down in the desert, be swallowed by a sand whale, and transported to the magical land of Seattle, only to return home for no clear reason. In contrast, action-oriented cartoons have gotten darker and more realistic, taking on tougher issues in a more serious tone.

The difference between old cartoons and new cartoons are that the new cartoons have amazing artwork but the old cartoons usually have a morale which can help and teach kids. New cartoons are all about flashy moves and a cool looking hero running around fighting villains.

New cartoons use guns and various other instruments which represent damage these things were never seen in old cartoons.

(By Adita Mehta)

  • Dhruba Mukherjee

    गद्दारी मत करो

    अफसोस की बात ये है कि राज नेता समझते ही नहीं !

    जिस कुर्सी पे बैठे हो उस कुर्सी से गद्दारी मत करो!!

    पहले दल नहीं पहले देश है, ये कब समझोगे तुम !

    जिस देश ने तुम्हे खिलाया है, उस देश से गद्दारी मत करो !!

    आखिर कब तक वोट बेंक का खेल खेलते रहोगे !

    जिस आवाम के वोट से जीते हो, उस आवाम से गद्दारी मत करो !!

    जिस देश के लोगों ने तुम्हें बनाया है एमपी,एमलए और मंत्री !

    कम से कम उस देश के लोगों से तुम गद्दारी मत करो !!

    तुम तो विधानसभा और पार्लियामेंट में बैठे रहते हो !

    जो सैनिक तुम्हें सुरक्षा देतें हैं, उन सैनिकों से गद्दारी मत करो !!

    हमेशा यही होता है, तुम बच जाते हो, सैनिक शहीद हो जाता है !

    जो लोग जान हथेली में रख कर तुम्हें बचाते हैं,उनसे गद्दारी मत करो!!

    सैनिक तो शहीद हो जाते हैं, तुम तो कभी नहीं होगे !

    जो तुम्हें बचाने के लिए शहीद होते हैं, उनसे गद्दारी मत करो !!

    अगर सचमुच देश भक्त हो तुम तो बेटे को आर्मी में भेजो !

    आर्मी में जो जाता है वो मरने के लिए जाता है ये कहकर आर्मी से गद्दारी मत करो !!

    कठिन परिश्रम कर के एक आइएएस बनता है जो तुम्हें सलाह देता है !

    उसी का बॉस बन के उसे डांट के उससे गद्दारी मत करो !!

    तुम तो आठवीं पास होकर, वित्त मंत्री बन जाते हो !

    जो कुशल है तुम से कहीं ज़्यादा, उससे गद्दारी मत करो !!

    तुम तो अपना टूर बनाते हो, विदेश जाते हो मंत्री बनकर !

    जो तुम्हें लिख के देता है, क्या कहना है क्या करना है, उससे गद्दारी मत करो !!

    क्यों की जो वो लिखता है, वो ही तुम कहते हो !

    इसलिए मेरे भाई, इस देश के आवाम से गद्दारी मत करो !!

    कब तक हमें बोलते रहोगे हम गैस की सब्सिडी छोड़ दें !

    कम से कम अपने आप से तो गद्दारी मत करो !!

    तुम भी तो बीस रूपिए में खाना खाते हो पार्लियामेंट में !

    कम से कम इस देश के गरीबों से तो गद्दारी मत करो !!

    सरकारी स्कूल का फीता काटते हो तुम, भोजन का गॅरेंटी देते हो !

    कम से कम इंसान बनो, गरीब बच्चों से गद्दारी मत करो !!

    आखिर क्यों नहीं समझते हो यही बच्चे देश के भविष्य हैं !

    चाहे कितना भी गिर जाओ तुम पर इस देश के भविष्य से गद्दारी मत करो !!

    कुछ तो आंदोलन से नेता बनें जो अलग राजनीति करेंगे !

    उनसे कहूँगा भाई साहब, दिल्ली वालों से गद्दारी मत करो !!

    जन लोकपाल लाओगे कहकर छोड़ दिया था तुमने सत्ता !

    अब उसी सत्ता में बैठ कर तुम जन लोकपाल से गद्दारी मत करो !!

    अब तो लगता है ‘आप’ भी आम नेता जैसे बन गये !

    जिन लोगों ने आप को लेकर आए थे, उन लोगों से गद्दारी मत करो !!

    जो भरोसा आप ने जनता और अन्ना को दिया था !

    कम से कम खुदा के वास्ते उस भरोसा से गद्दारी मत करो !!

    देश सेवा करने के लिए नेता बनना ज़रूरी नहीं !

    सेक्युलर सेक्युलर चिल्लाते हो, सेकुलरिसम् से गद्दारी मत करो !!

    ‘गर भला चाहते हो देश का तो ईमानदारों को आगे लाओ !

    पार्टी में टिकट देते वक्त, ईमानदारों से गद्दारी मत करो !!

    गोमांस और राम मंदिर को लेकर क्यों झगड़ा लगवाते हो तुम !

    गरीबी हटाओ कहकर उन गरीबों से गद्दारी मत करो !!

    अब बहुत हो चुका है ‘ध्रुव’ कहता है अमन चैन चाहिए !

    ये दंगे और लोगों को आपस में भिड़ा कर इस आवाम से गद्दारी मत करो !!

    Kumar Dhruv

    natpubindia@rediffmail.com

    9009990322

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  • Dhruba Mukherjee

    गद्दारी मत करो

    अफसोस की बात ये है कि राज नेता समझते ही नहीं !

    जिस कुर्सी पे बैठे हो उस कुर्सी से गद्दारी मत करो!!

    पहले दल नहीं पहले देश है, ये कब समझोगे तुम !

    जिस देश ने तुम्हे खिलाया है, उस देश से गद्दारी मत करो !!

    आखिर कब तक वोट बेंक का खेल खेलते रहोगे !

    जिस आवाम के वोट से जीते हो, उस आवाम से गद्दारी मत करो !!

    जिस देश के लोगों ने तुम्हें बनाया है एमपी,एमलए और मंत्री !

    कम से कम उस देश के लोगों से तुम गद्दारी मत करो !!

    तुम तो विधानसभा और पार्लियामेंट में बैठे रहते हो !

    जो सैनिक तुम्हें सुरक्षा देतें हैं, उन सैनिकों से गद्दारी मत करो !!

    हमेशा यही होता है, तुम बच जाते हो, सैनिक शहीद हो जाता है !

    जो लोग जान हथेली में रख कर तुम्हें बचाते हैं,उनसे गद्दारी मत करो!!

    सैनिक तो शहीद हो जाते हैं, तुम तो कभी नहीं होगे !

    जो तुम्हें बचाने के लिए शहीद होते हैं, उनसे गद्दारी मत करो !!

    अगर सचमुच देश भक्त हो तुम तो बेटे को आर्मी में भेजो !

    आर्मी में जो जाता है वो मरने के लिए जाता है ये कहकर आर्मी से गद्दारी मत करो !!

    कठिन परिश्रम कर के एक आइएएस बनता है जो तुम्हें सलाह देता है !

    उसी का बॉस बन के उसे डांट के उससे गद्दारी मत करो !!

    तुम तो आठवीं पास होकर, वित्त मंत्री बन जाते हो !

    जो कुशल है तुम से कहीं ज़्यादा, उससे गद्दारी मत करो !!

    तुम तो अपना टूर बनाते हो, विदेश जाते हो मंत्री बनकर !

    जो तुम्हें लिख के देता है, क्या कहना है क्या करना है, उससे गद्दारी मत करो !!

    क्यों की जो वो लिखता है, वो ही तुम कहते हो !

    इसलिए मेरे भाई, इस देश के आवाम से गद्दारी मत करो !!

    कब तक हमें बोलते रहोगे हम गैस की सब्सिडी छोड़ दें !

    कम से कम अपने आप से तो गद्दारी मत करो !!

    तुम भी तो बीस रूपिए में खाना खाते हो पार्लियामेंट में !

    कम से कम इस देश के गरीबों से तो गद्दारी मत करो !!

    सरकारी स्कूल का फीता काटते हो तुम, भोजन का गॅरेंटी देते हो !

    कम से कम इंसान बनो, गरीब बच्चों से गद्दारी मत करो !!

    आखिर क्यों नहीं समझते हो यही बच्चे देश के भविष्य हैं !

    चाहे कितना भी गिर जाओ तुम पर इस देश के भविष्य से गद्दारी मत करो !!

    कुछ तो आंदोलन से नेता बनें जो अलग राजनीति करेंगे !

    उनसे कहूँगा भाई साहब, दिल्ली वालों से गद्दारी मत करो !!

    जन लोकपाल लाओगे कहकर छोड़ दिया था तुमने सत्ता !

    अब उसी सत्ता में बैठ कर तुम जन लोकपाल से गद्दारी मत करो !!

    अब तो लगता है ‘आप’ भी आम नेता जैसे बन गये !

    जिन लोगों ने आप को लेकर आए थे, उन लोगों से गद्दारी मत करो !!

    जो भरोसा आप ने जनता और अन्ना को दिया था !

    कम से कम खुदा के वास्ते उस भरोसा से गद्दारी मत करो !!

    देश सेवा करने के लिए नेता बनना ज़रूरी नहीं !

    सेक्युलर सेक्युलर चिल्लाते हो, सेकुलरिसम् से गद्दारी मत करो !!

    ‘गर भला चाहते हो देश का तो ईमानदारों को आगे लाओ !

    पार्टी में टिकट देते वक्त, ईमानदारों से गद्दारी मत करो !!

    गोमांस और राम मंदिर को लेकर क्यों झगड़ा लगवाते हो तुम !

    गरीबी हटाओ कहकर उन गरीबों से गद्दारी मत करो !!

    अब बहुत हो चुका है ‘ध्रुव’ कहता है अमन चैन चाहिए !

    ये दंगे और लोगों को आपस में भिड़ा कर इस आवाम से गद्दारी मत करो !!

    Kumar Dhruv

    natpubindia@rediffmail.com

    9009990322

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Vaccination Not Forced on Children: Delhi Health Authorities

The prime target, according to the Ministry, is immunising children in the pre-schools, school children from both government and private institutions and those out of school

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Vaccination
Vaccination not forced on children: Delhi health authorities. Flickr

The measles and rubella (MR) vaccination programme, which was deferred following an intervention by the Delhi High Court, does not override the consent of students, said state’s health authorities for the campaign.

“It is totally wrong to say that vaccination was administered without consent. Though there has never been the process of seeking permission for any vaccination from guardians, people are free to refuse vaccination as we don’t force anyone,” Dr Suresh Seth, Delhi programme chief for immunisation told IANS on Wednesday.

The Delhi High Court on Tuesday deferred implementation of the “Measles and Rubella (MR) Vaccine Immunisation Campaign”, saying that vaccination cannot be administered “forcibly” and without the consent of parents.

The court’s order came while hearing pleas by parents of some minor students at city’s schools alleging that the MR campaign is a “violation of the fundamental rights” of the students as their consent had not been taken.

China, Vaccines
A child receives a vaccination shot at a hospital in Rongan in China’s southern Guangxi region on July 23, 2018. VOA

“We will comply with court’s orders. Our preparations are same and will start the very next day the high court gives clearance for the campaign,” Dr Seth said.

The Delhi Health Department will also share inputs with the Health and Welfare Family Ministry, which has been asked by the high court to respond by January 21.

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The measles and rubella vaccination campaign was scheduled to begin in the national capital from January 15, aiming at immunising nearly 55 lakh children in the age group of 9 months up to 15 years across 11 districts of Delhi.

The prime target, according to the Ministry, is immunising children in the pre-schools, school children from both government and private institutions and those out of school. (IANS)