बड़वानी, 2 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की सरकार किसानों के कल्याण के लिए तमाम योजनाएं बना रही है। वहीं, बड़वानी जिले में कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव और कैबिनेट के सदस्यों ने लोक देवता भीलट देव के दर्शन कर किसानों की समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने सोमवार को निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव के दर्शन कर प्रदेश के किसानों की सुख समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। किसान कल्याण वर्ष में बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले दर्शन लाभ लेने के बाद सतपुड़ा की पहाडी पर विराजित लोक देवता के रमणीय स्थल का भ्रमण किया।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। भीलट देव निमाड़-मालवा क्षेत्र के आराध्य देव है। आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिए जाएंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिये मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी। प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, जिससे किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए।
उन्होंने किसानों से यह अपील भी की कि मृदा की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती को अपनाएं। शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा, लेकिन उससे प्रारंभ में मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फिर धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी।
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