संभाजीनगर, 28 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नरेगांव इलाके में चार साल की मासूम बच्ची पर 10 से 15 कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गई। इस घटना को लेकर अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
सुबह के वक्त कुत्तों ने बच्ची को चारों ओर से घेर लिया और उसके शरीर को बुरी तरह नोंच डाला। बच्ची के शरीर का शायद ही ऐसा कोई अंग हो जिसे कुत्ते ने न नोंचा हो। परिजन दौड़ते हुए बाहर आए और किसी तरह कुत्तों को भगाया। बच्ची खून से लथपथ थी, उसके शरीर पर गहरे जख्म थे, और सिर पर भी गंभीर चोटें थीं।
घबराए हुए परिजन तुरंत उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। रिश्तेदारों का कहना है कि बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी, इसके बावजूद डॉक्टरों ने सिर्फ इंजेक्शन देकर उसे घर भेज दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल में जरूरी वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं थी और उन्हें तीन इंजेक्शन बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदकर लाने पड़े। इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची को घर भेज दिया गया।
घर पहुंचने के बाद भी बच्ची की हालत में सुधार नहीं हुआ। वह होश में नहीं आ रही थी। घबराए परिजन एक बार फिर अस्पताल पहुंचे और स्थानीय नेताओं की मदद से बच्ची को दोबारा भर्ती कराया गया।
मामला बढ़ने के बाद छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम के विपक्षी नेता समीर साजिद बिल्डर के पास परिवार पहुंचा। उन्होंने तुरंत घाटी अस्पताल के डीन से बात कर बच्ची को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया।
समीर साजिद ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से कुत्तों की नसबंदी के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन शहर में आज भी जगह-जगह कुत्तों के झुंड लोगों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चार साल की बच्ची के पूरे शरीर पर गंभीर जख्म थे, तो आखिर डॉक्टरों ने उसे सिर्फ इंजेक्शन देकर घर कैसे भेज दिया? साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुत्ते के काटने के बाद जो जरूरी इंजेक्शन दिया जाता है, वह भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं था।
वहीं, सरकारी अस्पताल के शिवाजी सुखरे ने फोन पर बातचीत में कहा कि थोड़ी बहुत डॉक्टर से लापरवाही हुई है। डॉक्टर पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, मासूम बच्ची अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी