नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। हर साल की तरह इस बार भी होली की तारीख को लेकर लोगों में काफी कंफ्यूजन है। कोई कह रहा है 3 मार्च को होली है, तो कोई 4 मार्च बता रहा है। ऐसे में लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि आखिर कब रंग खेलें।
ज्योतिषाचार्यों की मानें, तो इस बार फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च, सोमवार को है। परंपरा के अनुसार पूर्णिमा की शाम को ही होलिका दहन किया जाता है। इसलिए इस साल होलिका दहन 2 मार्च की शाम को होगा।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इस समय को शास्त्रों के अनुसार बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन लोग होलिका की पूजा विधिपूर्वक करते हैं। सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें, फिर शाम को पूजा थाली लेकर होलिका दहन स्थल पर जाएं।
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके होलिका माई को रोली, हल्दी, फूल, फल, गुड़, मूंग और रंग आदि अर्पित करें। इसके बाद होलिका दहन करके त्योहार की शुरुआत होती है।
आमतौर पर होलिका दहन के अगले दिन होली खेली जाती है। इस हिसाब से यह होनी चाहिए थी 3 मार्च को। लेकिन इस साल 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा और भारत में भी दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण के दौरान सुबह 6 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक सूतक काल रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य या त्योहार मनाना उचित नहीं होता। यही कारण है कि 3 मार्च को रंगों की होली नहीं खेली जा सकती।
इसलिए इस साल होली 4 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। पूरे भारत में इस दिन ही होली धूमधाम से खेली जाएगी। लोग अपने दोस्तों और परिवार के साथ रंगों और गुलाल से होली खेलेंगे।
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