मुंबई, 1 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के मारे जाने का असर सिर्फ ईरान में ही नहीं, बल्कि कतर, सऊदी अरब, इराक और भारत में भी देखने को मिल रहा है। भारत में भी विशेष वर्ग इस हमले को निंदनीय बताते हुए पीएम मोदी के हस्तक्षेप की मांग कर रहा है, लेकिन इसी बीच गीतकार और लेखक जावेद अख्तर को चीन की याद आ रही है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हुए हमले की गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने जमकर आलोचना की है। उनका मानना है कि अब समय आ चुका है कि अमेरिका और इजरायल सीमित किया जाए और उसके लिए उन्होंने चीन को आखिरी विकल्प बताया है।
जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मुझे लगता है कि इस बार ट्रंप और इजरायल ने हद पार कर दी है, क्योंकि अगर उन्हें इस दुस्साहस को जारी रखने और ईरान के साथ इराक जैसा बर्ताव करने की छूट दी गई, तो चीन विश्व में अपनी सारी विश्वसनीयता खो देगा।"
उन्होंने आगे लिखा, नेतन्याहू और ट्रंप, बाकी सभी दबंगों की तरह, दूसरों को दीवार तक धकेल चुके हैं और अंततः दूसरों के पास निर्णायक तरीके से प्रतिक्रिया देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। गीतकार के पोस्ट पर यूजर्स भी अपनी राय रख रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि अमेरिका और इजरायल दोनों पर अंकुश लगाना जरूरी है, क्योंकि अगला निशाना भारत भी हो सकता है, जबकि कुछ यूजर्स लेखक को क्राई बेबी कह रहे हैं। उनका कहना है कि विशेष वर्ग से आने की वजह से उन्हें ईरान पर दया आ रही है।
इससे पहले जावेद अख्तर ने तालिबानियों के विरोध में पोस्ट डाला था और उन्हें दुनिया का सबसे नीच लोग करार दिया था। उन्होंने कहा था, "चाहे राजनीतिक स्वार्थ कुछ भी हो, इन असभ्य और बर्बर तालिबानियों को हमें किसी भी प्रकार की विश्वसनीयता या सम्मान नहीं देना चाहिए। वे दुनिया के सबसे नीच लोग हैं।" बता दें कि चाहे देश के आंतरिक मुद्दे हो या फिर बाहरी, जावेद अख्तर हर मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं। वह राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी राय देने से पीछे नहीं हटते।
--आईएएनएस
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