शिवमोग्गा, 1 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने ईरान पर अमेरिका के हमले को “अनुचित” बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि अरब देशों में फंसे कर्नाटक के लोगों (कन्नड़िगों) को सुरक्षित वापस लाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
शिवमोग्गा हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि मध्य-पूर्व के “युद्ध-प्रभावित” क्षेत्रों में फंसे कन्नड़िगों की सुरक्षा और वापसी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि बल्लारी जिले के करीब 30 लोग इस समय अरब देशों में फंसे हुए हैं और उन्हें वापस लाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुबई में रह रहे भारतीय सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव और रेजिडेंट कमिश्नर के साथ बैठक कर अरब देशों में रह रहे कन्नड़िगों की सुरक्षा पर चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि दुबई हवाईअड्डा फिलहाल अस्थायी रूप से बंद है और उड़ान सेवाएं शुरू होते ही फंसे लोगों को भारत लाने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि जनता दल (सेक्युलर) के विधान परिषद सदस्य एस. एल. भोजे गौड़ा, जो इस समय दुबई में हैं, ने फोन पर उनसे बात की और बताया कि वे सुरक्षित हैं तथा एक होटल में ठहरे हुए हैं।
अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना करते हुए सिद्दारमैया ने कहा कि एक ओर अमेरिका शांति की बात करता है, वहीं दूसरी ओर युद्ध में शामिल होता है, जो उसका विरोधाभासी रुख दर्शाता है। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई के निधन पर भी शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दुबई में फंसे कन्नड़िगों से व्यक्तिगत रूप से बात की है और उन्हें भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। मुख्य सचिव को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह संतोषजनक है कि मध्य-पूर्व के देशों में रह रहे कन्नड़िगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रखी है। उन्होंने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई और भरोसा दिलाया कि हर फंसे कन्नड़िग को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास जारी रहेंगे।
बिजली दरों में अप्रैल से संभावित बढ़ोतरी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल राज्य सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
--आईएएनएस
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