अहमदाबाद, 1 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने शहर के नवरंगपुरा इलाके में एक रिहायशी फ्लैट से संचालित विदेशी जानवरों और पक्षियों के कथित अवैध प्रजनन और बिक्री रैकेट का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
विशेष सूचना के आधार पर, अधिकारियों ने रावलभाई अपार्टमेंट स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा, जहां उन्हें परिसर के भीतर पिंजरों में बड़ी संख्या में विदेशी प्रजातियों के जानवर रखे और पाले जाते हुए मिले।
अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कई प्रजातियां दुर्लभ हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनकी ऊंची कीमतें मिलती हैं।
बरामद किए गए जानवरों में एक अत्यंत दुर्लभ लाल हाथ वाला टैमरिन बंदर का बच्चा, सात पर्शियन बिल्लियां और उनके बच्चे, 14 छोटे और बड़े हैम्स्टर, 15 मिनी लोप खरगोश और नौ लेदर लैब ड्वार्फ जानवर शामिल थे।
जब्त किए गए पक्षियों में छह अफ्रीकी ग्रे तोते, पांच नीले और सुनहरे मैकाऊ, तीन एक्लेक्टस तोते, चार सन कोनूर, दो गाला कॉकाटू और एक सल्फर-क्रेस्टेड कॉकाटू शामिल थे।
इसके अलावा, परिसर में बड़ी संख्या में अफ्रीकी लवबर्ड, कोनूर, कॉकटेल, बडगेरिगार और फिंच भी पाए गए।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपियों द्वारा सरकार के परिवेश पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत किए गए दस्तावेज प्रथम दृष्टया अपूर्ण और संदिग्ध प्रतीत होते हैं।
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि परिवेश पोर्टल पर हमें दिखाए गए दस्तावेज अपूर्ण प्रतीत होते हैं और संदेह पैदा करते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में जैव सुरक्षा उपायों या वैज्ञानिक सुविधाओं के बिना इतनी बड़ी संख्या में जंगली और विदेशी प्रजातियों को रखना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
एक अधिकारी ने कहा कि जैव सुरक्षा उपायों के बिना किसी आवासीय फ्लैट में विदेशी और जंगली प्रजातियों को रखना पशुओं से फैलने वाली बीमारियों का कारण बन सकता है और स्थानीय निवासियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि व्यावसायिक प्रजनन गतिविधियों के लिए आवासीय संपत्ति का उपयोग नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि वन विभाग, नगर निगम और सीमा शुल्क विभाग संयुक्त रूप से दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करेंगे, आयात की वैधता की पड़ताल करेंगे और विस्तृत जांच के तहत संभावित स्वास्थ्य जोखिमों का आकलन करेंगे।
अधिकारी ने कहा कि हमने इस मामले की जानकारी वन विभाग और अहमदाबाद नगर निगम को दे दी है। वे इस मामले में शिकायत दर्ज करेंगे। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और हम आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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