पटना, 1 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के वैशाली जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां सराय थाना क्षेत्र के अनवरपुर गांव में रविवार को शौचालय के गड्ढे से जहरीली गैस निकलने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना टंकी की सफाई या मरम्मत के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि जहरीली गैसों के जमाव के कारण परिवार का एक सदस्य गड्ढे में उतरने के बाद बेहोश हो गया। उसे बचाने की कोशिश में परिवार के अन्य सदस्य एक-एक करके टंकी में उतरे और दम घुटने से उनकी भी मौत हो गई। इस त्रासदी के बाद पूरा गांव शोक में डूब गया है।
इस घटना का सबसे दुखद पहलू राहुल कुमार की मौत है, जिनकी शादी 24 फरवरी को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई थी। शादी के एक हफ्ते के भीतर ही दूल्हे की एक दुर्घटना में मौत हो गई, जिससे खुशी मातम में बदल गई।
मृतकों की पहचान आनंद कुमार, उनके बेटे राहुल कुमार, आनंद के भाई पंकज कुमार और परिवार के एक अन्य सदस्य के रूप में हुई है। तीन अन्य व्यक्ति गंभीर हालत में हैं और उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
हाजीपुर-सदर के उपमंडल मजिस्ट्रेट रामबाबू बैठा और लालगंज के उपमंडल पुलिस अधिकारी गोपाल मंडल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि टैंक के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड या मीथेन जैसी जहरीली गैसों के जमाव के कारण ऑक्सीजन की कमी से मौतें हुई हैं।
पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अनवरपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। शोक संतप्त रिश्तेदार इस दुखद घटना से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चार शवों को एक साथ ले जाते हुए देखना बेहद दर्दनाक बताया।
प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और उन्हें सरकारी प्रावधानों के अनुसार मुआवजे का आश्वासन दिया है। यह त्रासदी एक बार फिर उचित सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षा उपायों के बिना सेप्टिक टैंक और सोक पिट की सफाई से जुड़े खतरों को उजागर करती है। विशेषज्ञों ने बार-बार बंद स्थानों में जहरीली गैस के जमाव के खतरे के बारे में चेतावनी दी है, जिससे ऑक्सीजन की कमी के कारण तत्काल बेहोशी और मृत्यु हो सकती है।
--आईएएनएस
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