नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। भारत की बेटियों के भावी स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह 11:30 बजे राजस्थान के अजमेर से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करेंगे।
यह देशव्यापी कार्यक्रम भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य यात्रा में महत्वपूर्ण कदम है। यह महिलाओं की स्वास्थ्य देखभाल के मूल में रोकथाम, सुरक्षा और बराबरी सुनिश्चित करने के 'स्वस्थ नारी' के विजन को आगे बढ़ाने के सरकार के वादे को पूरा करता है।
यह कार्यक्रम हर साल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 14 वर्ष की लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को लक्ष्य करेगा। वैक्सीन निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर मुफ्त दी जाएगी। टीके आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला और जिला अस्पताल के साथ-साथ सरकारी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में लगाए जाएंगे।
प्रत्येक सत्र का पर्यवेक्षण प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी करेंगे, जिन्हें कुशल स्वास्थ्य देखभाल टीमें सपोर्ट करेंगी। सभी स्थलों पर फंक्शनल कोल्ड चेन पॉइंट (सीसीपी) होंगे। वे चौबीस घंटे सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े होंगे ताकि तुरंत मेडिकल सपोर्ट और किसी भी रेयर एडवर्स इवेंट्स फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) का प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
टीकाकरण ऐच्छिक होगा और टीका लगवाने से पहले माता-पिता/अभिभावक से सहमति ली जाएगी।
यह विशेष अभियान तीन महीने की अवधि में मिशन मोड में चलेगा। इस दौरान पात्र लड़कियां निर्धारित जगहों पर रोजाना वैक्सीन लगवा सकती हैं। इसके बाद, वैक्सीन नियमित टीकाकरण के दिनों में भी मिलती रहेगी।
ग्लोबोकॉन 2022 के आंकड़ों के अनुसार भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। इसमें प्रत्येक वर्ष 1 लाख 20 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आते हैं और लगभग 80 हजार मौतें होती हैं। वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि लगभग सभी मामले ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के उच्च-जोखिम टाइप, विशेष रूप से टाइप 16 और 18 के लगातार संक्रमण के कारण होते हैं, जो भारत में सर्वाइकल कैंसर के 80 प्रतिशत से ज्यादा मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।
सर्वाइकल कैंसर को टीकाकरण और शुरुआती जांच से काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके बावजूद सर्वाइकल कैंसर परिवारों और हेल्थकेयर सिस्टम पर भारी बोझ डालता रहता है। एचपीवी संक्रमण को कैंसर बनने से पहले ही रोककर देश भर में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम सीधे तौर पर इस चुनौती का समाधान करता है।
भारत के राष्ट्रीय कार्यक्रम में गार्डासिल का इस्तेमाल किया जाएगा, जो क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन है। यह एचपीवी टाइप 16 और 18 (जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं) के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी बचाती है।
एचपीवी वैक्सीन दुनिया भर में सबसे ज्यादा अध्ययन की गई वैक्सीन में शामिल है, जिसकी 2006 से दुनिया भर में 50 करोड़ से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं।
एएमटी/एमएस