चेन्नई, 28 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु मानवरहित हवाई वाहन निगम (टीएनयूएवीसी) ने राज्य में मजबूत ड्रोन सिस्टम विकसित करने के लिए देशभर की ड्रोन बनाने वाली कंपनियों और सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी की पहल की है।
इस निगम का मकसद है कि सरकारी विभागों के काम में ड्रोन तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग हो, ताकि काम तेजी और पारदर्शिता से हो सके। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल नगर प्रशासन, खेती, पुलिस, वन विभाग, जल संसाधन और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीएनयूएवीसी ने योग्य ड्रोन बनाने वाली कंपनियों और अनुभवी सेवा देने वालों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारी ने कहा कि कंपनी के पास ड्रोन बनाने की सुविधा होनी चाहिए और उसने सरकारी एजेंसियों को कम से कम पांच ड्रोन की सप्लाई की हो। इसके अलावा रिसर्च और उसके विकास के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) का प्रमाणपत्र होना जरूरी है।
अधिकारियों के अनुसार, एयर मैपिंग, भूमि सर्वेक्षण, फसल निगरानी और सटीक छिड़काव जैसी ड्रोन-आधारित सेवाएं देने करने वाली कंपनियों पर विचार किया जाएगा। अधिकारी ने आगे कहा कि सर्विस प्रोवाइडर के पास ड्रोन तकनीक का उपयोग करके सरकारी परियोजनाओं को क्रियान्वित करने का अनुभव होना चाहिए।
चयन की प्रक्रिया के लिए टीएनयूएवीसी कंपनियों के पिछले परफॉर्मेंस की जांच करेगा, जिसमें उन राज्यों का विवरण भी शामिल है, जहां कंपनियों ने सेवाएं दी हैं।
यह कदम तमिलनाडु के मानवरहित प्रणालियों और एडवांस रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सेंटर के रूप में उभरने में काफी महत्वपूर्ण होगा।
अधिकारियों का मानना है कि विभिन्न विभागों में ड्रोन तकनीक का रणनीतिक एकीकरण न केवल दक्षता और पारदर्शिता में सुधार करेगा, बल्कि पूरे तमिलनाडु में बेहतर आपदा तैयारी, कृषि उत्पादकता और शहरी नियोजन में भी योगदान देगा।
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